निगाहो मे उनकी ,जहान कि व्यथा है।
पर वो खामोश है । देखो,.....
........पर वो खामोश है।
वो बस............?....
अपने ,दिल के दर्द को
आवाज़ नहीं देना चाहते । read more >>
अपनी कसमों, अपने वादों से
मुझे आजाद कर दे। ..
हाँ। ...मुझें....
मुझे....
नहीं तो फिर, ........
मुहोबत को मेरी
तु कोई नाम.... दे। ......
तेरे जीने � read more >>