माँ का खजाना बचत =) माँ के बारे में पहले भी लिख चुकी हूँ पर वह बोहत कम था माँ के बारे में जितना लिखा जायें उतना कम है। है। माँ का दिल एक विश� read more >>
लोग , सच में बेबस थे।
उस वक्त
जब, तूफानो में धा ।
भँवर मेरा
ये तो कुछ ,अब मौसम बदला है।
तब शुरू हुई है। पक्षी चह-चाहट
वरना वीरान हो गए धे� read more >>
रोती छत-सिसकता फर्श
उस घर की टपकती छत ने,
घर के फर्श से कहा होगा-
कि माफ़ करना, हालत अभी बुरी है।
घर के गीले फर्श ने,
हँसते हूए कह दिया हो read more >>