यहां मैं आपके लिए वीर रस पर एक गीत लिखता हूँ:
वीर हैं हम, अद्भुत योद्धा,
प्रभु के सैनिक, धर्म का रक्षक।
शूरवीरों का ध्येय, जीवन की विजय,
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जी हां, 80 और 90 के दशक के हम सब भारतीय अपने हिंदू समाज के सभी रीति रिवाजों के साक्ष्य हैं। जैसा बचपन हमने जिया है वैसा बचपन हमारे बच्चों क� read more >>
मैं उस भारत से आती हू जहां पर बचपन में ही बच्चों को खेल -खेल में अपने हिंदू समाज के सभी रीति रिवाजों को बहुत ही अच्छे तरीके से सिखा दिया � read more >>
"मांँ तेरे-
तन में खो जाएंगे"
"चिर निंद्रा-
में सो जाएंगे जब"
"मांँ नाता-
रहेगा तुम्हारा,
ईमान मेरा रहेगा जिंदा"....!!!
जय हिंद!
जय हिंद!
ज read more >>