राम की राह देखत - देखत, पुष्प सजावत रोज है सबरी ।
राम के नाम को जपत - जपत, बैर को खावत रोज है सबरी ।
राम के नेह में डूबे - डूबे, पंत निहारत है read more >>
भक्ति की शक्ति:
आज से लगभग 8 साल पहले की बात है , में एक नाई के पास जाया करता था सेविंग बनवाने वह मेरे से दुनिया दारी की बाते करता और में उस� read more >>
कुण्डलिनी प्रकाश का दर्शन
आज से लगभग 10 साल पहले की बात हे | अपनी ग्रेजुएशन पुण कर लेने के बाद में बैंक में कार्य करने लगा , इस हेतू में बू� read more >>
सजल सुजल सुप्रभात -
रवि से उज्ज्वल जगत ;
पुष्प खिले भू - आँचल में ,
भ्रमर गीत सुनाए बागाँचल में,
पूजा थाल सजाए थल में ,
रवि को अर्पण किया न� read more >>
सजल सुजल सुप्रभात -
रवि से उज्ज्वल जगत ;
पुष्प खिले भू - आँचल में ,
भ्रमर गीत सुनाए बागाँचल में,
पूजा थाल सजाए थल में ,
रवि को अर्पण किया न� read more >>