,, शेरावाली को मनाने ,
मां के भवन में आए हैं ।।
माता रानी को मनाने
मां के भवन आए हैं ।।
यहां आके हम ने दीप जलाए हैं ।।
मेहरा वाली को मनाने read more >>
रे मन यूं न कर रे विलाप !
कब - तक करोगे विलाप ,
रे मन जाग जा रे अब !
रे मन बोल ,रे मन बोल !
हरि नाम तू एक बार बोल,
बन रे प्रेम भिखारी
बन के हरि की � read more >>
हमारा शरीर एक कपड़ा है जो कई जन्मों के पाप से गंदा हो चुका है। जब आप कपड़े को धोते हो तब कपड़े को गिसना पड़ता है और कपड़े को घिसने पर ही क� read more >>
तेरा ही रूप-
देखता हूं जग में,
कण-ए-कण में-
तू है समाया जग में,
आता-जाता ना-
जन्म लेता तू अविनाशी रे....
दिल में-
रहे तू कृष्ण कन्हैया रे. read more >>
सुबह - सुबह
कैसे भूल बैठा ।।
मन बावरे
तेरा ,नाम सांवरे.........।।
ओहो,मन बावरे.......…।।2
इन हवाओं में
लहरों में ....।।
ओहो मेरे मन की नजरों से
मि� read more >>