Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

Anilkumar Rathwa (Sameer)

  • Followers:
    0
  • Following:
    8
  • Total Articles:
    190
Share on:

My Articles

ભલે હો લક્ષ્મી પાસે પણ જો જ્ઞાન થોડું ઓછું છે, સમજજો કે પ્રગતિનું એ આખું પાનું કોરું છે. ​કરે ઉપેક્ષા જે ભણતરની ને સપનાં જોવે ઊંચા, એન� read more >>
जो शिक्षा की देहली को लाँघ नहीं पाता है, वह जीवन भर खुद को पीछे ही पाता है। मंज़िलें तो सामने होती हैं सबके मगर, बिन ज्ञान के वह डगमगाता read more >>
તું પથ્થરોની વાત ના કર, પહાડ તોડવા બેઠો છું, હું નસીબના ભરોસે નહીં, કાંડાના જોરે બેઠો છું. ​નથી જોઈતી કોઈની રોશની, સૂરજને કહેજો ખમી જા� read more >>
मुसाफिर को नई राहों का मंज़र मिल गया है, मेहनत का उसे आज समंदर मिल गया है। ​कल तक जो था खुद इक अदना सा तालिब-ए-इल्म, आज उसे उस्तादों का व� read more >>
मिले हैं जख्म तो मरहम लगाना सीख लेंगे हम, हवाओं के रुख़ को खुद ही मोड़ना सीख लेंगे हम। ​अभी सूरज ढला है, रात की मुट्ठी में अंधेरा है, सह� read more >>
ये जो चेहरे पे चमक है, ये सदा रहने की नहीं, वक्त की लहर है साहब, ये रुकने की नहीं। ​कांच के घर में रहकर पत्थर से मोहब्बत कैसी? ये जो मिट्ट� read more >>
दुनिया को फतह करने का अरमान न पाल तू, पहले अपने मन के अंधेरों को ढाल तू। ​बाहर तो मिल जाएँगे लश्कर तुझे कई, अंदर जो चल रही है, वो जंग संभ� read more >>
भीड़ की आवाजों में, अपना राग कहीं खो न देना, दुनिया के तराजू में, खुद के ख्वाबों को मत तोलना। कोई कहेगा पत्थर तुमको, कोई कहेगा कांच यहाँ, � read more >>
लिखने बैठूँ तो ज़माने भर के मंज़र कम हैं, मेरी आँखों में जो छुपे हैं, वो समंदर कम हैं। ​जिन्हें डर है कि बयाँ करने से शब्द घट जाएँगे, वो read more >>
आज अलार्म को मैंने, ज़ोर से डाँटा है, सपनों की चादर को, थोड़ा और बाँटा है। भाड़ में जाए दुनिया, और दुनिया की ये दौड़, आज मैंने खुद को, 'Do Not Dist read more >>
Join Us: