# सुप्रभात
मनुष्य जितना अपना ,
जीवन जीता है
उस का उसको
अवश्य ही ,
अनुभव होता है....!
क्यों ना इतना ,
कर लेता बस ,
प्रेम नाम का ,
सुमिरन कर � read more >>
#कविता
".....बेवफा की याद में "
एक कांटा था ,
चूभ गया , दर्द दिया
मोहब्बत की राह में...
आज भी मेरा मन ,
रो उठता है एक
बेवफा की याद में...
तन� read more >>
हकीकत... कहानी... कल्पना...हो
ये सर्द रात,
या महफिल तारों की....!
ये रात की कहानी है,
या पूनम की चांद की....!
इसे कुदरत की कहानी कहूं,
या कहानी क read more >>
* सुप्रभात *
समय से पल कुछ ,
इस तरह से पिघला...!
रात गुजर सी गई ,
धीरे से दिन निकला...!
पर इस चीज को यहां ,
कोई नहीं पाए बतला...!
सवाल बहुत ही , read more >>