दिल मेरा तोड़ के जाते हो खुशी मनाने को|
या फिर और भी दिल यूं ही आजमाने को |
लगे ना ॴच तेरे दिल पे कभी मुहब्बत की|
मिले ना दिल तुझे और भी जल� read more >>
अगर झुकता नहीं चरणों में, यूं ही सर किसी के तो।
तो जाओ दर पे दाता के, झुकाना सीख जाओगे।
अगर मुस्कान लानी है, किसी के‌ चेहरे पे तुमको।
त� read more >>
में पतझड का मौसम हू तुम बारिश बन बरस जाओ
मे लिखता रहू उम्र भर , तुम कविता बन उभर आओ
भले रुठे हो शब्द मेरे, तुम यु दिल की बात समझ जाओ
मेरी ज read more >>