में तेरी बात का बुरा कैसे मान जाता
ये दिल है ।।
मोहब्बत के लिए..........
ये दिल है।।
मोहब्बत के लिए.........
ये मीठे- मीठे नोक झौंक ओर
ये चुलबुले � read more >>
माता तेरे मंदिर में
में, हार के बैठा हूं
भवानी कुछ कह दे .......
लगी बाजी जीवन की
में मझधार में बैठा हुं ......
हो....
अंबे रानी कुछ ही कह दे.....
दे� read more >>
वहा चांद छुपा आईने में
रचनाये -प्रतिभा खडेकार
हे हे हे ला ला ला ला ला,,हे हे हे ला ला ला ला ला...
वहा चांद छुपा आईने में,, देखते मुस्कुरा त read more >>
तुझे भूल गई रे ......
यारा, मैं तो दीवानी
सोच के बैठी हूं।
तुझे भूल गए रे....
यारा ,मेरे मैं तो दीवानी
सोच के बैठे हूं ।
बाहें, तेरी बन गई थी मे read more >>
अपने पराये क्यों, लगने लगे हैं
रिश्तों से अब हम, बिछड़ने लगे हैं .
कल तलक जो साया बनकर ,साथ-साथ चलते
आज है ख़फ़ा जैसे ,अंजान हो कोई हम.
अ� read more >>