[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
कविताएँ
Home
Category
कविताएँ
बदलाव-मैं लौटा अपने गाँव में जब नहीं मिला मुझे देखने को कोई खेत
मैं लौटा अपने गांव में जब नहीं मिला मुझे देखने को कोई भी खेत -खलिहान भैया - भाभी , चाचा -चाची सब बन गए थे नया दुकानदार बाग-बगीचा , पार्क ब�
read more >>
पितृ पक्ष-पितृ पक्ष पितरों की उपासना
पितृ पक्ष पितरों की उपासना है जो सभी पूर्वजों के लिए किया जाता है, पूर्वजों और उनके पितरों के आशीर्वाद और दुआओं से भरती हमारी झोली है।
read more >>
तू आएगा यही आस रहती है-तेरे आने के बाद जाने का दर्द
तू आएगा यही आस रहती है मुझको तेरे आने के बाद जाने का दर्द ज्यादा सताती है मुझको क्यों तू मेरे नसीब में नहीं किसी और के हाथों की लकीर ह�
read more >>
दिल देकर तुझको- हमने एक रोग ले लिया
दिल देकर तुझको हमने एक रोग ले लिया पहले तो जीते थें अब,दिन - रात का रोना हो गया फसाना क्या सुनाए अपनी जिंदगी का जिस्म तो यहां है रूह तो
read more >>
एक सहारा-धड़कन को एक सहारा मिल गया
धड़कन को एक सहारा मिल गया, उसकी एक नज़र पे मैं मर गया। जहां तन्हाई थी वहां कली आ गई, फिर मन का मौसम गमकीला हो गया। दिल में मोहब्बत ही मो�
read more >>
पता है हमें ख्वाब हमारे ऊंचे हैं-इतनी आसान नहीं है हमारी राहें
पता है हमें इतनी आसान नहीं है हमारी राहें पर क्या करूं चलना ही है ख्वाब ही ऊंची देखी है ये निगाहें तो मुश्किलों से भी मुस्कुरा के च�
read more >>
मेरी आवाज़-बसा इसमें मेरा स्वाभिमान है
आवाजें ही तो मेरी पहचान है बसा इसमें मेरा स्वाभिमान है फिर क्यों ख़ामोश हो जाऊं आवाजें ही तो मेरी मुकाम है क्यों सुन कर भी अनसुनी कर
read more >>
रोने से क्या फायदा-आगे का यूं सोच रहो दूर तकलीफ से
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" रोने से क्या फायदा,आगे का यूं सोच। रहो दूर तकलीफ से, जीवन में हो लोच।। रोने से क्या फायदा,ग�
read more >>
लीपा पोती चल रही-माता के जो भक्त चमक रहे घर द्वार अब
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" लीपा_पोती चल रही,माता के जो भक्त। चमक रहे घर द्वार अब,बना रहूं हम सख्त।। लीपा_पोती चल रही,द�
read more >>
एक जरा सी भूल से-भारी हो नुकसान
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" एक जरा सी भूल से,भारी हो नुकसान। और व्यर्थ चिन्ता रहे,जाते घट है मान।। एक जरा सी भूल ने,ले ल�
read more >>
काला है कुछ दाल में-बाहर से है रंग
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" काला है कुछ दाल में,बाहर से है रंग। लौटे जो बेरंग हो,देख सभी हो दंग।। काला है कुछ दाल में,आँ�
read more >>
मन पापी माने नहीं-भागे सबसे तेज
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" मन पापी माने नहीं,भागे सबसे तेज। हर दिन कुछ है सीखता,पढ़ता हरेक पेज।। मन पापी माने नहीं,कर�
read more >>
« Previous
Next »
Showing
1861
to
1872
of
7097
results
‹
1
2
...
153
154
155
156
157
158
159
...
591
592
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder