Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
मैं लौटा अपने गांव में जब नहीं मिला मुझे देखने को कोई भी खेत -खलिहान भैया - भाभी , चाचा -चाची सब बन गए थे नया दुकानदार बाग-बगीचा , पार्क ब� read more >>
पितृ पक्ष पितरों की उपासना है जो सभी पूर्वजों के लिए किया जाता है, पूर्वजों और उनके पितरों के आशीर्वाद और दुआओं से भरती हमारी झोली है। read more >>
तू आएगा यही आस रहती है मुझको तेरे आने के बाद जाने का दर्द ज्यादा सताती है मुझको क्यों तू मेरे नसीब में नहीं किसी और के हाथों की लकीर ह� read more >>
दिल देकर तुझको हमने एक रोग ले लिया पहले तो जीते थें अब,दिन - रात का रोना हो गया फसाना क्या सुनाए अपनी जिंदगी का जिस्म तो यहां है रूह तो read more >>
धड़कन को एक सहारा मिल गया, उसकी एक नज़र पे मैं मर गया। जहां तन्हाई थी वहां कली आ गई, फिर मन का मौसम गमकीला हो गया। दिल में मोहब्बत ही मो� read more >>
पता है हमें इतनी आसान नहीं है हमारी राहें पर क्या करूं चलना ही है ख्वाब ही ऊंची देखी है ये निगाहें तो मुश्किलों से भी मुस्कुरा के च� read more >>
आवाजें ही तो मेरी पहचान है बसा इसमें मेरा स्वाभिमान है फिर क्यों ख़ामोश हो जाऊं आवाजें ही तो मेरी मुकाम है क्यों सुन कर भी अनसुनी कर read more >>
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" रोने से क्या फायदा,आगे का यूं सोच। रहो दूर तकलीफ से, जीवन में हो लोच।। रोने से क्या फायदा,ग� read more >>
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" लीपा_पोती चल रही,माता के जो भक्त। चमक रहे घर द्वार अब,बना रहूं हम सख्त।। लीपा_पोती चल रही,द� read more >>
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" एक जरा सी भूल से,भारी हो नुकसान। और व्यर्थ चिन्ता रहे,जाते घट है मान।। एक जरा सी भूल ने,ले ल� read more >>
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" काला है कुछ दाल में,बाहर से है रंग। लौटे जो बेरंग हो,देख सभी हो दंग।। काला है कुछ दाल में,आँ� read more >>
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" मन पापी माने नहीं,भागे सबसे तेज। हर दिन कुछ है सीखता,पढ़ता हरेक पेज।। मन पापी माने नहीं,कर� read more >>
Join Us: