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कविताएँ
जीवन एक चक्र समान ही है,
जीवन एक चक्र समान ही है, सतत यह प्रक्रिया जारी रहता है। जन्म_मृत्यु का का खेल, निरन्तर जारी रहता है। यहां सब एक _दूसरे पर आश्रित हैं, �
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सर्वप्रथम रोटी आवश्यक है
सर्वप्रथम तो रोटी ही आवश्यक है, उसके बाद कपड़ा और मकान। विकास कि ऊंची उड़ान तो हम भरें हैं, लेकिन भूख की तड़प अभी भी यहां है। शिक्षा क
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जज्बातों की दास्तान लिख रहा हूं
अपने जज्बातों को मैं यहां अंकित कर रहा हूं, मोती जैसे अल्फाजों से दास्तान लिख रहा हूं। जिन्दगी सु:ख_दुःख का एक अद्भुत संगम है, इसे हर ह
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हृदय में प्यार ही प्यार- भरके जा रहा है
अहसास छू के कोई हौले से जा रहा है, हृदय मे प्यार ही प्यार भरके जा रहा है। अरमानों का मेरे लगे अब रंगी मेले हैं, अब मेरे राहों मे जुनूं भ�
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आ ले चलेंगे तुझे झारखंड की अद्भुत वादियों में
आ ले चलेंगे- चल चलेंगे-ले चलेंगे, तुझे झारखंड की वादियों में तेढी-मेढी- नीची-ऊंची, रास्ते और पगडंडियों में नेतरहाट और- टांगीनाथ की च
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छू के कोई हौले से जा रहा है
अहसास छू के कोई हौले से जा रहा है, हृदय मे प्यार ही प्यार भरके जा रहा है। अरमानों का मेरे लगे अब रंगी मेले हैं, अब मेरे राहों मे जुनूं भ�
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भूख की तड़प-सर्वप्रथम तो रोटी ही आवश्यक है
सर्वप्रथम तो रोटी ही आवश्यक है, उसके बाद कपड़ा और मकान। विकास कि ऊंची उड़ान तो हम भरें हैं, लेकिन भूख की तड़प अभी भी यहां है। शिक्षा क
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प्रभात का जादू-चारों और छा गया है
नींद से जगने का समय हो गया है, प्रभात का जादू चारों और छा गया है। सारे प्राणी में उत्सुकता की आई है लहर, प्रभात का वायु सकूं प्रदान कर र�
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देखो वसुंधरा मुस्का रही है
जिन्दगी को महोत्सव की तरह जीना है, हर गम को खुशियों से निकाल देना है। बड़ी ही नियामत से यह जीवन मिला है, पल _पल इसमें हसी की रंग भरना ही �
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स्वातंत्र्यही पारतंत्र्यात बदलले जाते
'मी' पणा... कधीकधी प्रगल्भ विचारही मागे लोटले जातात अहंकाराच्या गर्तेत... स्वातंत्र्यही पारतंत्र्यात बदलले जाते 'मी'पणाच्या खोल काळक
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वेश्यावृत्ति- दास्तान बदनाम बस्ती की
अनजान थी मैं इस बदनाम बस्ती से मुझे कहां पता था कि मैं चीज बनी मस्ती की बुलाते हो मुझे कोठे वाली औरत समझते हो मुझे हाथों की कठपुतली। मं�
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भ्रष्टाचार-नेताओ अफसरों की कुर्सी के चारों पैरों मे बसा
कल रात बुलेट पर सवार मिल गया मुझे भ्रष्टाचार । मैनें कहा भाई नमस्कार इस देश को इतनें सालो से चूस रहे हो बताओ कब यहाँ से प्रस्थान कर रह�
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