मधुर व्यवहार और मीठा बोलना एक कला है...
जो हरेक के पास नहीं होता...
बोलने की कला श्रीराम से सीखो...
जहां रावण ने कड़क जबान से अपने सगे भाई वि read more >>
खिदमत में पेश है!
जहां के-
इस सफ़र में फ़िरा,
करते हैं मुकाम वाले भी,,
चाह हो दिल में-
अगर गैब-ए-इल्म की,,
खुद-ब-खुद-
राह इनायत होते हैं,,
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आधी अधूरी ज़िंदगी,
थी किसकी ये दारिंदगी?
थी किस्मत या कोई खेल,
हमने पूछा खुदा से, "क्यों ये है ऐसी हालत तेरी ज़मीन की?"
रात-दिन चलता रहा स read more >>