Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
Certificate is not issued to the author at present. Minimum 10 articles should be published on Sahity Live website to get the certificate.
मेहनत न करूं , फिर तो पसीना नहीं आता । बिना पसीने के हवा में बैठ सकूं । आखिर कब- तक यूंही बैठ सकूंगा। मुझे ही नहीं, कोई दूसरे भी होंगे। ज� read more >>
ख़याल-भर ने सवाल किया है आने वाले कल का। रह-गुजारे की ज़िन्दगी और नये पेड़ की जड़ का। राम सुन्दर पार्क वन है। बेरहम तो हम हैं। ख़्याल- read more >>
कोई ख़ुशी होती है। अपनों के बीच में ही अपने के होने की शुरुआत। अकेले से मन जाती ख़ुशी। हां,मनाई जाती सब के साथ। कोई ख़ुशी होती है। दि� read more >>
इतफाक से ज़िन्दगी में पहलू बने आप। सच से पहले भी सच के बाद। निशान न मिले मुझे वक्त से आज। इतफाक से ज़िन्दगी में पहलू बने आप। नाराज� read more >>
ये कैसी मोहब्बत रही। हम ज़माने के काम करें शायद! बे-हद, सवालों की किताब बने। ये कैसी मोहब्बत रही। सामने परिवार बे-परवाह ज़िन्दगी साथ read more >>
आंसूओं -सी मेंहदी देखीं। मेरी नटखटी उम्मीदों को रंग देती। अब बचपन वाला मन है साथ हर खुशी झूमने के लिए अब मुझे मजबूर कहती। हर कल अपना � read more >>
उम्मीद से कहता हूं आपको ज़िन्दगी खुदा है। सजाई समझ रहा हूं बस आपको। कर्म -कर्तवय अब भी अपने हैं। झूठे जो बस वो ख़्वाब है। कल से अकेला read more >>
हर दिल से, खुदा मांगता हूं। चिरागों से अपनों के पाने की, दुआ मांगता हूं। हर दिल से, खुदा मांगता हूं। करने की जिसने ख्वाहिश थी, मेरे घर read more >>
क्यों ख़्वाब से परेशान है? ज़िन्दगी! मासूम हक़ीक़त ने भी इसके दामन को चिर (काट-फाड) दिया। बहाने के दरमियान ये जो अपनों को खोजती। ज़िन� read more >>
उन कटे दरख्तों से लिपटकर कोई रोता है हाथ जोड़कर रोते-रोते कुछ कहता है हमें माफ कर दो और दर्द सहन नहीं होता है बड़ा read more >>
सफलता की राहों में चलना आसान नहीं होता, हर कदम पर काँटा है, हर मोड़ पर तूफ़ान होता। यहाँ भीड़ में कोई साथ नहीं निभाता, जो खुद पे यक़ीन कर read more >>
जहाँ तक है यह सृष्टि पसारी, वहाँ तक फैली है अंधियारी। पर एक प्रकाश है भीतर ही, जो करता है जीवन की तैयारी। ​यह प्रकाश नहीं दूर गगन में, read more >>
Join Us: