विकाश के नाम पर विनाश की ओर
बढ़ रहा मनुष्य है |
प्रकृति के नियमों को अनदेखा कर,
बढ़ रहा मनुष्य है |
विनाश को विकाश समझकर,
बढ़ रहा मनुष्य है |
� read more >>
समय होता है बलवान,
समय के आगे बेवस है इंसान ,
समय निरंतर चलता जाता है |
बिता हुआ सुनहरा पल इंसान को याद आता है ,
बीते हुए सुनहरे पल को इंसा� read more >>
अंदरूनी आवाज को अपनी ताकत बना दे, सिर्फ शब्दों से नहीं इस ताकत से कुछ करके दिखा दे, जमाना तो सिर्फ ठोकर ही देता है, पर तू उस ठोकर से खुद का read more >>
जिनके पास नही होते है
उनसे पूछो क्या होते है पापा
इस korona में जाने कितने बच्चो से
दूर हुए है उनके पापा
रुठ जाने पर मनाना आसान था,
रूठ जान� read more >>
क्यों होती है ऐसी सहेलियां,
जो मिलती नहीं है, पर मन से बिछड़ती भी नहीं ये सहेलियां,
बात करती नहीं ,पर हर बात में याद आती है सहेलियां,
सब अ read more >>
ना किसी के आने की
उम्मीद है मुझे....!
और ना किसी के जाने का
गम रखता हूं....!
मैं..ख़ुद..मैं..ख़ुद का
मुसाफ़िर..हूं....!
तभी नजदीकियां
कम रखता हू read more >>