इस मामले में, मैं ग़रीब हूं।
मेरे पास, छल-कपट की दुकान नहीं है।।
हड़पी हुई, जायदाद भी नहीं है।
मेरे पास, बेईमानी की खदान नहीं है।
ढोंग- प� read more >>
नेता जी की देखो !
क्या ग़ज़ब की बात !!
जीतने से पहले सेवक !
जीतते ही सरताज !!
नेता जी की देखो !
क्या ग़ज़ब की बात !!
याचक बनकर घर-घर जाँए !
भि� read more >>
मैं, हर उस शख़्स को, नमन करता हूं।
उस बेटे को, जो बुढ़ापे में, मां-बाप से बतलाता है।
उस भाई को, जो भाई को, भाई कहकर बुलाता है।
उस पति को, जो प� read more >>