हाये बेचारी अबला नारी,
दहेज प्रथा की कैसी ये बीमारी,
ना मान मिला ना सम्मान मिला,
रोती आ रही है नारी,
आंखों में भरकर नीर,
सब सहती आ रही है � read more >>
कल का पता न पल का पता, बांधता मन-मन की।
जवानी के झाग झांवर गए, रेनी मैली भवन की।
ठान खोदता, आन अज़माता, सुध न रही कंचन तन की।
तेरा, मेरा मिट read more >>
ना लौट कर आए वो
बचपन के दिन,
कितने खुश रहते थे हम,
वे बचपन की सहेली,
कैसे बनी रहती थी हमजोली,
बे बचपन के खेल बड़े होते थे
मजे जोर,
वो टॉफी ,� read more >>
सही को सही बताने में !
क्यों इतना हिचकिचाते हो !!
गर उड़ान भरी विश्व गुरू की !
क्यों पर कतरना चाहते हो !!
धारा 370 हटाकर !
नहीं हुआ महापाप !!
read more >>
//...गुजारिश...//
भले मुझसे ,
मेरी जिंदगी की ,
सारी खुशियां छीन लो
जमाने भर का
सारा दर्द तुम ,
मुझे दे दो...!
मगर ,
तुमसे मेरी ,
एक गुजारिश है
ऐ read more >>
हारे बेचारी अबला नारी,
दहेज प्रथा की कैसी ये बीमारी,
ना मान मिलाना सम्मान मिला,
रोती आ रही है नारी,
आंखों में भरकर नीर,
बेटी, बहू, मां बन� read more >>
शायद हम पुराने हो गए है,
या रिश्ता पुराना हो गया है।
पहले जब रूठते थे तो वो मनाते थे हर बार,
पर अब छोड़ देते है वक़्त पर कि,
ठीक हो जाएगा स read more >>
T हमने तुम्हारे साथ, बस कुछ ही कदम, तो साथ साथ चले थे, और मैं तुम्हें जिंदगी भर के लिए अपना जीवनसाथी चुन लिया है, हमने तो अपने देश के लिए, बस read more >>