आज के समय की सच्चाई है लोग आगे बढ़ते हुए आप को देखना तो चाहते है लेकिन उससे ज्यादा आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहते है और ये ही आज के समय की स read more >>
गुज़र रहे थे-
वक्त काल बनकर,,
सोचा था-
कुछ ग़म बांट लूं रिश्तों में,,
क़रीब गया-
वह तो दुखों के,
पहाड़ तले थे-मैं चोटी में था....!!!!
-मोती read more >>