मैं जब भी लिखने बैठती हूं तो यही सोचती हूं कि मैं वही लिखो जो मुझसे और मेरी सोच से जुड़ा हुआ हो जिससे मैं और मुझसे जुड़े लोग भी बहुत ही ज् read more >>
अगर झुकता नहीं चरणों में, यूं ही सर किसी के तो।
तो जाओ दर पे दाता के, झुकाना सीख जाओगे।
अगर मुस्कान लानी है, किसी के‌ चेहरे पे तुमको।
त� read more >>
जिंदगी लोगों कि परेशानी बन जाती है,
जिंदगी एक नयी आहट है,जो मौत तक ले जाती हैं|
समझदार लोग ही, अक्सर
जिंदगी के सफर को अकेला ही छोड़ जाते � read more >>
हर कदम पे जिंदगी, रुलाती है मुझे।
ज़ख्म दे दे कर भी ये, बुलाती है मुझे।
शौक नहीं है पीने का, कुछ भी अब मुझे।
ग़म की प्याली फिर भी ये,पिलात� read more >>
मन के द्वार एक दीप धंरु मैं!
हृदय के तम को दूर करुं मैं!!
हो उजियारा चहूं ओर,
तन को सरावोर करुं मैं!
अटरिया के कमूरे पर दीप धरुं में
आस वि read more >>