दिल में इस तरह तिरी याद आई
सूने सहरा में गोया बहार आई
कागज़ पे बयां कैसे करूँ ग़म-ए-हिज्र
मिरी कलम में नहीं है इतनी रोशनई
— त्रिशिका श read more >>
ख्वाबो को सच करने की तेरे दिल में जगी जो प्यास है चुप रहकर कुछ न कर पायेगा जो हो रहा अहसास है। इस प्यास को बढा ले और अहसास को जगाले तू सब छ� read more >>