"ये नैना-
बात करती हैं इशारों-इशारों में"!
"ये मैं डूबा हूं-
इन झील सी गहरी नैनों में"!
"ये दिन-रैन मेरे-
गुज़रते हैं ख्वाबों-ख्यालों में"! read more >>
सुबह - सुबह जब साथ में,पीते हैं सब चाय।
रहे खुशी की शुभ घटा, मिट जाते हैं हाय।
आपस में हो प्रेम तब, रहे सुखी परिवार_
फिर जीने का है मजा, रहत� read more >>