चाहत किस-की...?
एक समय की बात है, एक व्यक्ति अपनी हाल ही में एक कार खरीदी वो उस को बड़ी चाहत से धुलाई करके चमका रहा था। उसी समय उसका पांच वर read more >>
ये ख़ालिस-
ज़िंदगी चले ना रब के बिना,
आरज़ू जीवन-
के खिले ना रब के बिना,
रौशन है यह-
जीवन उसी की रोशनी से,,
पता न उड़े-
कभी बिन हवा बिन झ� read more >>
फाटकी झोळी दारी आली, कामा पूर्ती मामा झाली .
चोर चोर बग कोण? सरकार आली, सरकार आली .
मी नाही देश प्रेमी , आहे सैनिक पुजारी,
कारण देशाला खाणा read more >>