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कहते थे कि अपने नाम का असर न होने देना रात सा अपना ये जीवन न कर लेना खो नहीं देना यू ही अपना हूनर अंधेरे सा अपना जीवन न कर लेना।। तुम ऊष read more >>
बरसों पहले यही सोचती थी कि लोग कैसे इतना गहरा सोचते है कैसे लिख लेते है सागर जैसे अल्फ़ाज़ आज आप ही लिख रही हूं ।। तब जाना है कलम की इ� read more >>
क्या खोया क्या है पाया जमाने ने यही गिनवाया आते हैं सब लोग अकेले ही फिर भीड़ में चलना क्यों सिखाया।। अपनी पहचान अपना अस्तित्व मिटे � read more >>
मन मे है विश्वास असंख्य जीवन का सार है संख्य मानव के दिल की जुबानी कुछ यादें मीठी,कुछ है पुरानी इस जीवन की यही कहानी।। कहते है कि आं� read more >>
वह दौर था 1951 का, कल्याणबीघा के गाँव में जन्मे थे जी। बचपन से सपना लिए थे, सुधारेंगे बिहार को एक दिन जी। किस्मत को कुछ और मंजूर था, पहुँच� read more >>
कभी कभी दिल उदास हो जाता है जब हो जाए सपने अधूरे मन मे दबी आस रह जाती है अपने हो जाते है बेगाने लगते है सब अनजाने फिर कही से आवाज है आती read more >>
जिंदगी से कोई सीख मिली या नहीं मिली पर एक सीख जरूर मिली है कि हर किसी पे भरोसा मत करना...!! धन्यवाद read more >>
#कोयलांचल वह भी क्या दिन थे जब भूगर्भ में जाते थे... जब हाथों में लाठी, पैरों में भारी जूते होते थे, सर पर हेलमेट, कमर में टॉर्च की बैटरी ब� read more >>
कभी पीछे मुड़कर देखता हूँ तो लगता है, कुछ तो अधूरा रह गया इस सफर में... जो अनुभव मिला, जो सीख मिली, जो अवसर मिले - शायद उनका पूरा योगदान इस � read more >>
थामा था वो हाथ ऐसे जैसे ताउम्र न छूटेगा ...!! पर एक पल में ही सारे वहम टूट गया मेरा...!! धन्यवाद read more >>
एक और भगत सिंह बनकर आया था, अन्यायों से जो टकराया था। सच की मशाल लिए हाथों में, अंधेरों से न घबराया था॥ झुकना जिसकी फ़ितरत न थी, सत्य ह� read more >>
अपना गांव कितना सुन्दर अपना गांव यहां मिले वृक्षों की छांव। प्रकृति की है, छटा निराली चारों तरफ है हरियाली नहीं कोई कोलाहल भारी � read more >>
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