Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
मेरे ख्वाबो को तेरी नजर लग जाए , यूं लगे और लगती ही रह जाए।। read more >>
सोमवार की सुबह थी। स्कूल की घंटी रोज़ की तरह बजी, लेकिन आज विकल्प के भीतर कुछ अलग ही बज रहा था। आज वह किसी सवाल से नहीं, एक निर्णय से स� read more >>
किस्मत के पन्नों पर क्यों आस लगाए बैठा है, तू खुद अपनी लकीरों में प्यास जगाए बैठा है। हवाओं के रुख से नौका पार नहीं होती, पतवार थामने व� read more >>
कलम चाहे हज़ार हों, पर बात क्या होगी? जो शब्द ही न पास हों, तो शुरुआत क्या होगी? सजी हों अलमारियाँ, पर रूह ही न हो, तो कागज़ों के साथ फिर, मुला read more >>
पत्थर की मूरत को छप्पन भोग लगाते हो, सोने के गुंबद पर तुम चांदी चढ़ाते हो। वो तो जगत का स्वामी है, उसे क्या कमी है? असली जरूरत तो यहाँ, आँ� read more >>
क्या लिखूँ , तुझ पर ऐ जिन्दगी ! तुने बडा सताया है , हर बार मेरे हिस्से का गम, मुझ पर ही क्यूँ फरमाया है ।। read more >>
खुददारो का खुददार आया है, खुदा जाने , अब किसके हिस्से बेशुमार प्यार आया है ।। read more >>
लडखडा कर चलना , रब तेरी रजा है, अब मै कैसे मानूं , यह मेरे हिस्से दी सजा है ।। read more >>
तपती दुपहरी और तेज धूप, छोटा सा आसियान मेरा भी है। आप के आराम के वक्त, मैं भी आई थी। तपती दुपहरी में सो रहे थे आप, मैं मुंडेर से पुकार कर read more >>
पगड़ी को भार, धरती स्यूं भी ज्यादा हुवै। कोई धरती पर रख देवै, कदी रखवाई जावै तो। देखी है जमीन धंसता... - राधेश्याम जोशी कोहिणा read more >>
चालता जद चरड़ चरड़ करती, जाणै बां'रै हाडा स्यूं होड़ करै। टाबरिया नैं बूंटिया दिरा'र खुद, चापू लगवा लेता बोदी खाल रौ। पण हिम्मत री कमी � read more >>
मां आखर सूं मुंह भर ज्यावै, मां नै देख्यां मन हरसावै। मां रौ करज उतर ना पावै, फरज आपणो बढतो जावै। मां धरणी अर मां ही जरणी, पग-पग माथै दुख read more >>
Join Us: