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ક્યાંક મંજિલ દેખાય છે ને ડગલાં ઉપાડવા ન દે, મારી ભીતરના વહેમો મને આશામાં જીવવા ન દે. ​ખુદને શોધવા નીકળ્યો તો રસ્તાઓ ભૂલાઈ ગયા, આ મૃગજ� read more >>
नौजवानों! ज़रा इस दौर की तहज़ीब तो देखो, कुर्सियों पर बैठे हुए ये चेहरों के फरेब तो देखो। जड़ें खोखली कर दीं इन्होंने वतन की बरसों से, � read more >>
डायन एक आदमी था। पिताजी उनके गुजर चुके थे। माता जी के साथ वह आदमी रहता था। शादी हो चुकी थी। उनके दो शादियां हुई थी। एक बार एक पड़ोसन उस� read more >>
वह हसीन शाम वह हसीन शाम आज भी मेरे जेहन में उतर जाती है और अपनी रसमयी ताजगी से मुझे तरोताजा करती रहती है। ठीक से तारीख तो याद नहीं है लेक read more >>
लहरों 🌊 में अब बहाव नहीं है, दिल ❤️ पे कोई भी घाव नहीं है। गैरों की तुम बात न पूछो, 🗣️ खुद से भी अब लगाव नहीं है। ,🙇🏻 मेरे दिल के कोने मे� read more >>
तुम्हारी तारीफ़ में... तुम्हें देखा तो लगा जैसे, फूलों ने रंग तुमसे पाए हों, चाँद ने अपनी चाँदनी का, कुछ अंश तुममें सजाए हों। तुम्हारी � read more >>
ना वो आ सके ,ना हम जा सके ना हाल ए दिल हम किसी को सुना सके बस बैठें हैं उनकी राहों में ना उन्होंने कभी याद किया , ना हम कभी उन्हें भुला सक� read more >>
कभी किसी ने कहा था — “समय-समय की बात है…” पर शायद समय भी अकेला कहाँ चलता है, वह तो कारणों की अनदेखी धारा में अपना स्वरूप पाता है। एक नि� read more >>
નસીબની લકીરોમાં હું હરકત કરી લઉં છું, અંધારાના ઊંડાણમાં હું રયત કરી લઉં છું. ​સંબંધોના સરવાળે ક્યાંય ઠરવા નથી મળતું, સ્વયંની ભીતર હ� read more >>
मुक्तक देश भक्त का देश से वादा है हर हाल में यह जिंदगी है बस देश के लिये l जीवन बचाना है आग की दरिया पार करना है हमको बस देश के लि� read more >>
"इत उत फिरता ढूंढता, जैसे मृग सुगंध। तैसे नर भया बावला, बाहर खोजे रंग"।। शरद भूषण मोंगरा read more >>
गंगा का जल पवित्र है, बहती निरमल धारा, तन मन को रखती है स्वच्छ, भक्ति का भाव बुनती है धारा। read more >>
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