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मैत्री
मैत्री म्हणजे नातं खास, सुख-दुःखात असतं सोबत नेहमीच खास. हसण्यात सहभागी, अश्रूंमध्ये आधार, मैत्रीचं नातं असतं जगातील सर्वात सुंदर उ�
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सवाल
सोचनें दे , दुनिया के शायरों को तेरी खुबसूरती के उन्माद पर.......।। क्या, बोलतीं है कलम उनकी तेरी जवानी के सवाल पर....।।
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जहाँ किताबें जलती हैं
गांव की चाय की दुकान आज कुछ ज्यादा ही भरी हुई थी। पास के सरकारी स्कूल में निरीक्षण होना था और गांव के प्रधान, सुरेश जी, खुद तामझाम के साथ
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एक झुमकी की कीमत
रघुवीर सिंह पंवार "मां, मेरी फीस माफ कर दो... अब नहीं पढ़ना मुझे!" मोना की आंखों से आंसू लगातार बह रहे थे। सामने उसकी मां – चुपचाप, भीगी आं
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जागो रे भारत के लोगों
बढ़ती जाती महँगई, जन-जन रहे उदास। मेहनत की कमाई घटे, टूट रही है आस॥१ सुबह कमाए आदमी, शाम करे निर्वाह। फिर भी पूरे हो न सकें, जीवन के उत्स
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"યાદોની મહેફિલ"
રાહ જોવાનું કહીને એ ક્યાંક ચાલ્યા ગયા, વર્ષો મારા એક પળના પૂરમાં ડૂબી ગયા. આંખમાં લઈને બેઠો છું યાદોની મહેફિલ, શ્વાસ પણ મારા વિરહની
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पथ में रखे पांव कैसे
पथ में रखे पांव कैसे, पग पग में चल रहा माया का संग्राम, मुखौटा पर मुखौटा लगाए चल रहे हैं यहां लोग, क्या होगा अब मानवता का पहचान
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"મથામણ"
લોકોના અભિપ્રાયોની આ જાળ ગૂંચવાયેલી છે, પોતાની મંજિલ શોધવી એક મથામણ છે. નોકરીની પાછળ ભાગે તો કહે 'નવું કંઈક કર', પોતાનો માર્ગ પસંદ ક�
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बिल्ली
बिल्ली मौसी आती है दूध मलाई खाती है दबे पांव आ जाती है हमे देख गुर्राती है भागो भागो बिल्ली आई। हम बच्चों की सामत लाई।।
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यादों का समंदर
डूब जाता हूं यादों के समंदर में , अपने गुजरे जमाने में वापस लौट जाता हूं। बैठता हूं मैं जब तन्हाई में, खुद के ही ख्यालों में डूब जाता ह�
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जिंदगी
सबके हिसाब से जिंदगी जी हमने, बस अपने लिए ही जिंदगी जी ना पाए। हर किरदार बखूबी निभाया हमने, बस अपने वजूद को ही ना बचा पाए।।
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इमोशनल शायरी
वक्त नूर को बेनूर बना देता है छोटे से जख्म को नासूर बना देता है कौन चाहता है अपना जुदा होना मेरे दोस्त पैसा वह चीज है जो आदमी को मजबूर �
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