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धरती मां की बात है निराली-सदियों से ये हमसब को है पाली
धरती मां की बात है निराली, सदियों से ये हमसब को है पाली। ममता की जी अदभुत खजाना है, इनसे से ही दुनिया है चल रही। ग्रहों में जो सबसे उत्त
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बछ पूजा-समय की विडंबना व संयोग से बछड़ा बड़ा होता गया
मेरे पड़ोस में एक परिवार रहता है। रमेश जो कि परिवार के मुखिया हैं, उनका खुद का व्यवसाय है। उनका नाम उस गांव के सभ्य परिवारों की अलिखित स
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माय तुझी आस माझ्या बोलीतून
*माय तुझी वानी माझ्या बोलितून* आईचे रूप स्मरावे अन डोळा यावे पाणी. नि सूर तिचा आठवता का हळवी व्हावी गाणी!! हा सुंगध येतो मजला त्या सात
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अपनी औकात-पहली दफा ही दिखा गई
कमब्त, खामोश सा बैठा था। दिल एक जगहाँ के, मन को अचानक एक दंगाबाज की याद आ गई। वो सात जन्म का वादा कर के पहली दफा ही अपनी औकात दिखा गई ।
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अपनी औकात-पहली दफा ही दिखा गई
कमब्त, खामोश सा बैठा था। दिल एक जगहाँ के, मन को अचानक एक दंगाबाज की याद आ गई। वो सात जन्म का वादा कर के पहली दफा ही अपनी औकात दिखा गई ।
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उड़े ए-आवारा मनमौजी बादल देखो
उड़े बादल- मनमौजी है ए-आवारा, सुखा कहीं बाढ़- फिरता है ए-आवारा,, नाना रूप हैं- जगत में खुशी कहीं गम, नाचे कहीं- किसान हैं देखो कहीं गम,,
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दुःख भरी आसूँ-मुझे बड़ा दुःख होता है
तेरे आंसूओं को बहता देख मुझे बड़ा दुःख होता है । किस चीज की तुम्हे जरूरत है । मुझे जान कर और भी दुःख होता है । मैं चाहता हूं वो वस्तु त�
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जीवन की आस-जब तक सांस में सांस है समझो अभी भी आस है
हर दिन चमकता सूरज, हमको यही बताता है। काली रात हो चाहे, कितनी घनी, फिर उजाला आता है। हार जाओ अगर, लाखों बार, प्रयास करो, फिर भी लगातार। ज�
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मेरा गाँव-वो सुन्दर हमारे खेत खलिहान जो बताते हैं हमारी पहचान
मेरा गाँव वो छोटा सा मेरा गाँव जिसमें चलते हमारे पाव वो सुन्दर हमारे खेत खलिहान जो बताते हैं हमारी पहचान पेट की भुख वाली आग
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कावळ्यांचा पडलाय मोत्यांवर डाव
सांडली पेणातली शाई मला भरता येत नाही, सरपंचा विषय काही बोलता येत नाही. गावात कामे नाही होत आता तस्तीची , गा*त शब्द मोडतो यांचा मस्तीची.
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कागजों के टुकड़ों पे-अल्फ़ाज दोबारा मुलतवी न हो पायेंगे
"टुकड़ों पे" "हम मसरूफ क्या रहने लगे कारोबार में,की उनकी यादों को लगा की,अब उनकी कलम से निकले हुये अल्फ़ाज दोबारा मुलतवी न हो पायेंगे, का
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पिता पर्वत के समान होता है- बाहर से कठोर अंदर से मुलायम होता है
पिता एक पर्वत के समान होता है बाहर से कठोर अंदर से मुलायम होता है झुक जाता है तुम्हारी ख्वाहिशों के लिए क्योंकि उसको तुम्हारी ब�
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