तू मेरी नजरों से दूर मत जाना ,
चाहें जो कुछ कहे जमाना ,
मैंने तो तुझे टूट_ टूट कर चाहा है पगली _
तुझे ही अपना मैंने सदियों से माना ।
_ शिव क� read more >>
माता है। तो मन्दिर
मन्दिर है। तो
ज्योति है। ज्योति है तो
जीवन है। जीवन है तो
तृष्णा है।
तृष्णा है।तो प्रेम है। ३२
माँ .......
हो हो...३२
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विजय और अनिता बहुत खुश थे। उनकी शादी के छह महीने बीत गए थे और वे एक दूसरे के लिए बने थे। उन्होंने एक-दूसरे के साथ कई सपने देखे थे और उन्हे read more >>
एक डाल पर पल्लव,
उसी पर जरी पात है।
एक में जोश, दूजे में होश,
दोनों पर समय का हाथ है।
एक देखे उत्तर, दूसरा दक्षिण,
देखे नहीं एक दूजे को।
क� read more >>