तू मेरी नजरों से दूर मत जाना ,
चाहे जो कुछ कहे उल्टा _ सीधा ज़माना ,
मैंने तुझे टूट _ टूट कर चाहा है पगली__
मैंने तुझे सदियों से अपना ही माना read more >>
भोले तेरा भोला पन सबको भाता है ,
सुबह को हर जुबां पर तेरा नाम आता है ,
जन _जन का कल्याण हो सारे जगत में __
इसलिए तू अपनी जटा से गंगा बहता है । read more >>
काश , आ जाए वह मेरी महफिल में मेरे मेहमान बनकर
मैं गले लग जाऊंगी बीच महफिल में उनकी जान बनकर ,
मैंने तो उन्हें नहीं बुलाया जान _बूझ कर __
ग� read more >>
(मुक्तक छंद)
कभी हालात ने साथ नहीं दिया था।
कभी अपना ही हम से रूठ गया था।
त्याग की राहों मैं सतत चलता रहा_
तब जा के कहीं समर्थन मिल रहा था read more >>
कोई सहारा न मिला तो अकेले चले हम ।
कोई किनारा न मिला तो अकेले चले हम ।
सोचा इस जहां में कोई तो होगा प्यारा _
कोई प्यारा न मिला तो अकेले चल� read more >>
हम सबके भीतर विराजमान शिव...
शिव जो सबका कल्याण करें ,...
यदि हम सब भी सबके कल्याण की कामना करें तो हम भी अपने भीतर के शिव को जागृत कर सकते ह� read more >>