एक गांव में एक बड़ा मेला आयोजित हुआ। मेले का दौरान गांव के सभी लोग उत्साह से भरे हुए थे और एक-दूसरे के साथ मिल-जुलकर मनाने के लिए तैयार थ� read more >>
हर खवाब को पूर करना असान नहीं होता,
यू तो रोज देखती हैं ये आँखे सपना,
पर हर सपना साकार नहीं होता,
सुकून के लिये सुकून तक का सफर आसान नहीं � read more >>
(मुक्तक छंद)
मौसम आया है जवाँ,मन की आँखें खोल।
तुम भी बन जा अब जवाँ,हद में रहकर बोल।
मधुर मधुर फिर सृजन कर,सबसे कर पहचान_
अपनी सरल पहचान � read more >>