Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
दुनिया में कभी गम न आता काश, छूते हम सब जन खुशियों से आकाश। अपने जज्बातों को कागज़ पर उकेरता हूं, चाहता हूं मेरी जज़्बात दुनिया में स� read more >>
(मुक्तक छंद) किसी ने किसी के सपनों का इन्तकाल कर दिया है, बेरहम मासूम जज़्बातों को कुचल कर रख दिया है, क्या मजाल की जनाब एक भी अल्फाज़ स� read more >>
तू चली गई तो मेरे चेहरे की मुस्कराहटें चली गई , जो हंसने पे हो जातीं थी वह चेहरे की बनाबटें चली गईं , तेरी वजह से को आ रही थीं जो रूकावटें � read more >>
बहुत अरसे पहले की बात यह है, देख विषय यात्रा वृतांत का याद आया। शौख की प्रकाष्ठा पर चढ़कर, मैं गुजरात के पोरबंदर में गया था। मेरे जीव� read more >>
हाल दिल का अपना सनम सुनाएं कैसे, नूर ए तन तुझ में नज़र समाएं कैसे। रात दिन तुम रहती हो पर छाई जैसे, तुम बिना अब दिल शीतल कि सम जिएं कैसे read more >>
मेरा देश महान है विश्व का मान है, अब के समय में खूब धनवान है। विभिन्नताओं में भी एकता है, अलग_अलग रंग_रूप भी है। यहां के लोगों में जज़� read more >>
(शायरी) बड़ी मुद्दत के बाद उन से मुलाकात हुई, उनके एक शब्द सुनते ही मन कुल्फी सा शीतल हो गया। फिर तो हसियों की लड़ी में बात चलते रहे, दोन� read more >>
दीन _ दशा आने पर बड़ी _ बड़ी हस्तियां वह जातीं हैं , तूफानों में कश्तियां वह जातीं हैं , जब जमीं पर कहर ढाता है प्रलय__ बड़ी _ बड़ी बस्तिया read more >>
(दोहा छंद) नशा नाश का मूल है, इससे रहिए दूर। मंशा पूरी हो सभी, खुशियों में हो चूर।। नशा नाश का मूल है,इसको लगा न हाथ। कर्म सदा अपना करें, � read more >>
(शायरी) गुफ्तगू तो खूब हम लोग करते हैं, बड़ा ही मज़ा हम सब लूटते हैं। तभी तो निष्कर्ष निकलता है, मन वांछित फ़ल पाते हैं। (स्वरचित मौलिक) read more >>
वायु प्राणदान हैं, जीवन के लिए दान, सांसों के लिए प्राण हैं, आक्सीजन देती है भरपूर, वायु हमारे लिए वरदान हैं, बनाओ पर्यावरण का सन्तुलन, read more >>
भगत तेरा, मै, एक भजन मे, हो जाऊ । ...लगन मेरी... २३ ऐसी है। हो साँवरे....... हो.....लगन मेरी देख के, मूर्त मे ,साँवरे तेरी सूरत मे सुँघ-बूँघ अप read more >>
Join Us: