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(दोहा छंद) नफा और नुकसान का,रखिए प्रतिदिन ध्यान। कारण को तब जानकर, प्रगति करे इंसान।। नफा और नुकसान में, मत फंस मेरे यार। सही कर्म करत� read more >>
(दोहा छंद) नफा और नुकसान बिन,नहीं चले हर काम। तन मन से रख ध्यान जब, मिलता सही मुकाम।। नफा और नुकसान का,रखिए प्रतिदिन ध्यान। कारण को तब � read more >>
(दोहा छंद) नफा और नुकसान दो,पहलू ही है माप। दिल से कर के काम को, रहें नफा में आप।। नफा और नुकसान से, पहले डर मत यार। धंधा को अब कर शुरू,जी� read more >>
(दोहा छंद) डरना कभी न चाहिए, और रहें बन तीख। दुख से बचे न राम जी, हम सब लें यह सीख।। दुख से बचे न राम जी,जीवन का यह फेर। मिले खुशी हर हाल मे read more >>
(दोहा छंद) राजा हो या रंक हो,करिए कभी न अत्य। दुख से बचे न राम जी, जीवन का यह सत्य।। दुख से बचे न राम जी,जीवन का यह फेर। मिले खुशी हर हाल मे read more >>
(दोहा छंद) दुख से बचे न राम जी, वक्त बड़ा बलवान। सुख दुख आते ही रहे, देते रहते ज्ञान।। दुख से बचे न राम जी, सुख दुख से है प्राण। हारे कभी न read more >>
(कुंडलिया छंद) आओ मित्रों बैठ लूं,दिल से दिल लूं जोड़। चले न कोई जोर अब,कोई हमें न तोड़।। कोई हमें न तोड़,करे सलाम सब हमको। दुनिया में ह read more >>
(कुंडलिया छंद) आओ मित्रों बैठ लूं,दिल से दिल लूं जोड़। चले न कोई जोर अब,कोई हमें न तोड़।। कोई हमें न तोड़,करे सलाम सब हमको। दुनिया में ह read more >>
कुछ सवाल है, कह सकती हूं कि बस यूँही, लेकिन क्या सच में बस यूही है, नही यू ही कुछ भी नही है। सालो से चला आ रहा, देखा गया, सुना हुआ है सब ।और सा� read more >>
(दोहा छंद) रिमझिम सी बरसात में,मुझे हुआ है प्यार। चले न कोई जोर अब,सुन लो यह दिलदार।। बड़ी बड़ी है आँख दो,सूरत है चितचोर। दीवाना मैं ह� read more >>
(दोहा छंद) आओ मित्रों बैठ लूं,दिल से दिल लूं जोड़। चले न कोई जोर अब,कोई हमें न तोड़।। रिमझिम सी बरसात में,मुझे हुआ है प्यार। चले न कोई ज� read more >>
(दोहा छंद) बेकाबू जब मन रहे,चले न कोई जोर। देते रब को दोष तब,रखे भावना चोर।। चले न कोई जोर तब,मन की जब हो बात। पहले ही हम भाँप कर,कर लेते ख read more >>
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