अरे तुम ना आए यह सही!
तुम नहीं अपनी यादों को क्यों? भेज दिया मुझे तड़पाने के लिए?
सोचती हूं उस दिन को जब हम तुमसे मिले !और उस पल को जब हम तु read more >>
चाहत थी देख लो दिन कैसा होता है रविवार को यह सोचते हुए मैं आ गई इच्छाओं के बाजार में इस दिन से हर दिन कुछ अलग तो नहीं परंतु ऐसा लगता है कु� read more >>