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यही तू है यही मैं हूं
हां यही तु है हां यही मैं हूं, फिर भी दोनों के दरमियां, है काफी दूरियां हां कभी तेरे पास में आना ना चाहू चाहे तो इस दुनिया से चली जाऊं त
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किस्मत वाले होते हैं
किस्मत वाले होते हैं ओ जिनको जिनका प्यार मिला हम तो ऐसी किस्मत लेकर आए की किस्मत में सिर्फ दुख ही दुख मिला कोई नहीं यहां जिसे अपना कहे
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एक दिन मरना ही है
एक दिन तो मरना ही है फिर क्यों बुलाना मौत को जी लो तुम जी भर के जिंदगी ना मिलेगी यह फिर से ना सोचो उसको जो दे तुमको गम दिखा दे उसको कि कि
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एक वृक्ष दस पुत्र समान
आज की थोड़ी मेहनत ये कल को आराम दिलाएगी जब पत्तों के आंचल में कड़क दोपहरी भाएगी स्वच्छ फिज़ा की रंगत होगी पुरवाई बलखाएगी जब झूलें�
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मुझसे जलने वालो ने ये बड़ा काम कर दिया
मुझसे जलने वालो ने ये बड़ा काम कर दिया मेरी सुबह की रोशनी को शाम कर दिया और घुमा के मारा है इस तरह दुश्मनी की तीर को, मुझे बर्बाद ना कर
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मैं एक पतंग की तरह हूं
अपनी मजबूतियों पर क्यों हो गुरूर हमारी जड़ों को ऊपर वाले ने सींच रखा है मैं एक पतंग की तरह हूं शायद मेरी डोर को ऊपर वाले ने खीं
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गुरु शिष्य का ऐसा नाता है
गुरु कहूँ या कुम्हार कहूँ चरित्र निर्माता या पालनहार कहूँ गुरु शिष्य का ऐसा नाता है हाथ पकड़ भव पार कराता है उदित भानू सा वो तमस दूर
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हमने बूढ़े हुए बाप को भी रोते देखा है
हमने पेड़ से टूटते हुए पत्ते को देखा है हमने बूढ़े हुए बाप को भी रोते देखा है, और लुटा दी जिसने कमाई तुम्हारे हर शौक के लिए आज उसी बाप क�
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तुम किसी विधा में ढह जाओ
लाल गुलाब पैर से सिर तक सजा लिया है काटो का बड़ा अंबार उसके ऊपर खिला दिया है रंग महकता फूल गुलाब इसको तेरा अभिमान कहूं या कहूं सुरक्
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छोटी सी कोठरी में
छोटी सी कोठरी में चार पांच होंगे जो जी रहे हैं तपस्या भरी जिंदगी जो पूर्ण कर रहे उस कर्ज को जो बिना लिए भरना है तपती धूप के बाद जब शा
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अपनों से कई सपने जुड़े होते है
अपनों से कई सपने जुड़े होते है, जब टूटते है, तो दिल के टुकड़े रोते हैं। क्यों टूटे सपने, क्यों छूटे अपने, क्यों नहीं इसका जवाब, क्यों
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क्षमा वह धन है जो सब की तिजोरी में नहीं होती
क्षमा वह धन है जो सब की तिजोरी में नहीं होती उसकी उम्मीद हर किसी से मत करना । क्षमा सिर्फ वही कर सकता है जिसने तुम्हारी गलती के वक्त तुम�
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