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नमस्कार मीत्र हो, आज पुनः एका नवीन विषयासोबत तुमच्यापुढे उपस्थित झालेलो आहे. मित्र हो हसने हे सर्वांनाच माहीत है. अर्थातच हसण्याविण read more >>
पांच क़िस्म के लोग मिलते, निंदा बाज़ार में। कभी-कभी काम बिगड़, बहता निंदा भुजबल धार में। कब पूर्वाचल से चला रवि, फैली कब अस्ताचल लाली� read more >>
तेरी ख़ातिर चांद तोड़ कर मैं जमीं पर लाया था ,तेरी ख़ातिर पसीने की जगह मैंने खून बहाया था , हम तो कैसे भी काट ही लेंगें पर तुम चैन न पाओगी__ read more >>
* गीत * हम जिन्हें चाहते थे हर दम मुझे उनसे मिले हैं ग़म ही ग़म, मुझे उनसे मिले हैं ग़म ही ग़म , हम जिन्हें चाहते थे हर दम । मैंने दिल में उ� read more >>
लीला नटवर लाल की, मानवता की आग । करे भला जो जीव का,और बढ़े अनुराग।। लीला नटवर लाल की, दिव्य प्रेरणा आस। लोगों में उत्साह दे,लम्बा करता � read more >>
जीवन के संघर्ष में थक कर कभी ना हार... जीवन के संघर्ष में थक कर कभी ना हार... घिस घिस कर पत्थर से बनती लोहे की धार... घिस घिस कर पत्थर से बनती read more >>
छोटे -छोटे सपनों को, कितनी सिद्धात् से सजाती है। वो बेटी है, जो हँसकर अपनों के खातिर, सपनों को भी भूल जाती है। मीना अहिरवार, जिला- छत read more >>
नई सुबह सुबह हुई है उजालों ने फिर दस्तक दी है... अंधकार मिटा है उम्मीदों ने साँस ली है... सूर्यास्त हुआ है और भीनी धूप खिली है... मद्धम हवा read more >>
रोने लगी शराब हम तरस खाकर पी गए , ग़म हुऐ दिल से जुदा हम मर गए थे जी गए ,पीता न गर, शराब दिल तार_ तार रहता___पी ली जब दो घूंट दिल के टुकड़े सी गए read more >>
संगति इन्सान का मन कभी अपने आप विचलित नहीं होता है, इन्सान को विचलित करने वाला खुद इन्सान ही होता है, कोई अच्छे संस्कारों में जीता है read more >>
* गीत * तब तुम्हें मेरी याद आयेगी ! जब तुम बैठोगी सहेलियों में , उलझोगी पहेलियों में , तब तुम्हें मेरी याद आयेगी ! जब तुम देखोगी हमजोली को ,र read more >>
* गीत * दिन भए महा दुखियारे सजनी , घुट _ घुट बीते मेरी रजनी, आए याद तुम्हारी सजनी ! कई अरसों से मन है भूखा , नैनों का गंगा जल सूखा , अब दे न सुन read more >>
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