बह भी ना पाए, रह भी ना पाए
ए आंसू गम के, किसी को कह भी ना पाए
बहुत जुल्म किया मुझ पे
तरसाया बहुत
दुख दिए आंसू दिए
इससे आगे अब कुछ भी सह ना � read more >>
सागर सा गहरा ,नदिया सा बहता, झरनों की झर- झर, पानी की कल- कल ,पर्वत सा ऊंचा ,बारिश की रिमझिम ,तारों की टीम -टीम ,फूलों का रंग जो ,
तितली सी चंच� read more >>
गमों के दौर यूं ही आते रहेंगे ।अपने पराए ऐसे ही होते रहेंगे ,
उन पराए जैसे अपनों के लिए कभी आंसू बहाना मत ,
उन आंसुओं को रोक के एक अपने अस� read more >>