स्वरचित रचना- हे नारी शक्ति तेरी महिमा,.............।
संदर्भ--- नारीशक्ति वंदना
हे नारी शक्ति तेरी महिमा
मैं किन शब्दों में गान करूं।
हे आदि � read more >>
अक्सर लोगों से सुना हैं जिंदगी चार दिन की होती है पर गलत कहते हैं क्योंकि जब ईश्वर का बुलावा आता है ना, तो जिंदगी कुछ सेकंड की हो जाती है� read more >>
स्वरचित रचना--- दूर हो या पास..........
संदर्भ--- दोस्ती!
दूर हो या पास
दोस्त तेरा अहसास!
बस मेरे लिए खास!
तू सलामत है तो,
मुझमें सलामत है सांस!
� read more >>
स्वरचित रचना---जुबां खामोश कहती है!
संदर्भित- ( At the deep love)
जुबां खामोश कहती है,
कहीं तो कुछ तो ऐसा है!
गुम हुआ होश कहता है
कहीं तो कुछ तो ऐसा � read more >>