छोड़ना ही था तो आए क्यूँ थे... ??
जब छोड़ ही चुके, थे तो आये क्यूँ हो...??
आवाज मेरी कहीं मर सी गई थी बरसो पहले बहुत शांत रहती थी खुद को कहीं दफन� read more >>
दिल के कोने से एक आवाज़ आती है
हमें हर पल उनकी याद आती है
दिल पूछता है बार – बार हमसे
के जितना हम याद करते है उन्हें
क्या उन्हें भी ह� read more >>
तेरा नाम ही क्यों ये दिल रटता है,
क्यों ये दिल सिर्फ तुझ पे ही मरता है,
न जाने कितना नशा है तेरे इश्क में,
अब तो तेरी याद में ही ये दिन क� read more >>
ताउम्र जिस घरौंदे को ,
संवारने में निकाल दी ।
सब उड़ चले मुझे भी,
निकलने की सलाह दी।
जाओ..... सब के सब
मर्जी तुम्हारी,
आंखों में दिख रही
ख� read more >>
स्वरचित रचना- कुछ मन की, कुछ मन के विचार!
संदर्भ-अजनबी प्यार !
*देखा न हाय रे, सोचा न हाय रे!
रख दी निशाने पे जान!
कदमों में तेरे निकले मेरा read more >>
कहानी- इच्छा मृत्यु
लेखक- जितेन्द्र शर्मा
08/01/2023
लाला कृपाराम भले आदमी थे। उनकी एक छोटे नगर में दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तुओं की बडी read more >>