#कोयलांचल
वह भी क्या दिन थे जब भूगर्भ में जाते थे...
जब हाथों में लाठी, पैरों में भारी जूते होते थे,
सर पर हेलमेट, कमर में टॉर्च की बैटरी ब� read more >>
बरसात की एक रात मेरे दिल में अंकित है,
और शायद जीवन भर भी अंकित ही रहे।
अमावस्या की काली रात और खूब बारिश,
आधी रात से भी ज्यादा का वक्त र� read more >>