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धूप घाम में यह छाता है, रोने लगे तो रूमाल। मां का आंचल अवर्णित है, यही मां का कमाल।। नींद आयी तकिया बनकर, बेटे को सुलाया। मां ने आकर आं� read more >>
सर्द हवाओं के नाम सर्द हवाएँ जब चलती हैं, तो सिर्फ़ जिस्म नहीं काँपता— यादें भी सिहर उठती हैं। बढ़ती ठंड धीरे-धीरे वक़्त की रफ़्तार � read more >>
*वो छोटा सा मेरा गाँव-2* वो छोटा सा मेरा गाँव, जहाँ भोर हमें जगाती थी, चिड़ियों की मीठी आवाज़ मन को रोज़ सहलाती थी। कच्ची पगडंडियों पर � read more >>
नन्हेसे आँखो मे है एक सपना जमी पर छोटासा घर बनायेंगे अपना । आओ मिट्टी से बनाये घर गुड्डी -गुडे का खेल खेलेंगे हम । बचपन की हमारी � read more >>
हम भारत के बच्चे हैं, हम भारत के भाग्य विधाता हैं। अपनी लगन और मेहनत से, हमें भारत का मन बढ़ाना है। हमें जग में नाम कमाना है भारत था स� read more >>
( बाल दिवस विशेष 2025) बाल दिवस आया है, फिर से शोर मचाने को, इस उम्र ने झकझोरा है, कुछ पीछे लौट जाने को। वो दिन जब हम छोटे थे, ख़्वाब बड़े सजात read more >>
#बच्चों की मां से कुछ अच्छा कहो तो #बुराई लगती। बच्चों की #चांद #फूट जाए #सुराई लगती। कब तक समझाओगे इन #औरतों को। इन्हें अपने बच्चों की #प read more >>
🌼 बागों में हैं फूल खिले 🌼 बागों में हैं फूल खिले, 🌸 रंग-बिरंगे फूल खिले, तितली आई, 🦋 बावरा आया, आए छोड़ें मोटे बच्चे। 👶 मिट्टी की महक � read more >>
🪔 पहले वाली दिवाली 🪔 पहले जैसी बात अब नहीं रही, दिवाली भी अब कुछ खास नहीं रही। ओह... गुड़ के खिलौनों की खुशबू, अब मिठाई में भी वो मिठास न� read more >>
एक दिन ओर जन्म -दिन.... सबकी विकल्प सोच में बदलने का एक खाश दिन। नियम तो नहीं, पर नयापन लाने की कोशिश भी। एक दिन ओर जन्म -दिन.... पर इसके वास� read more >>
आंसूओं -सी मेंहदी देखीं। मेरी नटखटी उम्मीदों को रंग देती। अब बचपन वाला मन है साथ हर खुशी झूमने के लिए अब मुझे मजबूर कहती। हर कल अपना � read more >>
सोचा! फोड़ दूंगा, मोड़ दूंगा, ‘मटकी’ को तोड़ दूंगा। की ‘कोशिश’ न टूट पाई, हुआ ‘मज़ाक’ बच्चों में छाई। मान ‘हार’ में बैठ गया, फिर भी ‘ख� read more >>
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