🪔 पहले वाली दिवाली 🪔
पहले जैसी बात अब नहीं रही,
दिवाली भी अब कुछ खास नहीं रही।
ओह... गुड़ के खिलौनों की खुशबू,
अब मिठाई में भी वो मिठास न� read more >>
एक दिन ओर जन्म -दिन....
सबकी विकल्प सोच में
बदलने का एक खाश दिन।
नियम तो नहीं,
पर नयापन लाने की कोशिश भी।
एक दिन ओर जन्म -दिन....
पर इसके वास� read more >>
बारिश... सिर्फ़ पानी की बूंदें नहीं होतीं, ये क़ुदरत की सबसे ख़ूबसूरत नज़्म होती है, जो हर दिल के अंदर कुछ न कुछ ज़रूर जगा देती है। कभी या� read more >>