टूटना क्या होता है,
ये उससे पूछो,
जो घर की चार दीवारो तक ही सिमट जाती है।
उड़ान उसे भी भरनी थी,
लेकिन वो परिवार, बच्चे, घर,
इनमें ही उलझ कर read more >>
# महुआ के फूल ...
आदिवासियों का ,
है यह जीवन मूल
खिलने लगे हैं ,
अब महुआ के फूल ...
तपिश बड़ी ,
झुलसाती
नहीं कहीं ,
कोई छईआं...!
इस मौसम ,
टप - ट� read more >>