कविता और कवि ...
ये तो है ,
बिखरती चांदनी ,
गुनगुनाती रागनी ,
महकती बहती हवा ...!
किसी ने दर्द ,
किसी ने मरहम
किसी ने खुशी ,
किसी ने गम कहा ...!
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परी आज बहुत खुश थी और अंदर से थोड़ी घबराई हुई भी क्योंकि परी के कॉलेज का आज पहला दिन था!
परी आज पहली बार कहीं घर से बाहर जा रही थी वो भी इत� read more >>
सूखी हुई टहनी पर किसने...
ये सतरंगी फुल लगाया है!
जिसने भी इसको लगाया,
उसने बड़ा पुण्य कमाया है!!
जब तक सूखी पड़ी थी इस जमीन में,
तब तक इस� read more >>
“उफ़! उफ़! मेरा इतनी सारी स्त्रियों से शादी करने का क्या फायदा जब भगवान ने मुझे उनसे एक बेटा भी नहीं दिया। अगर मैं मर गया तो मेरा नाम तो इ� read more >>
चाहे कितने गम के पहरे हो,
कितनी मुश्किलों ने घेरा हो,
मां -बाप ही संभालते हैं,
हर कोई छोड़कर चला जाता है,
मां बाप से बढ़कर बिना स्वार्थ क� read more >>