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उम्मीद
उम्मीद अगर खुद से हो तो तरकी,और दुसरो से हो तो शिवाय निराश के कुछ नही मीलता
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कौन कहता है कोशिश बेकार जाती हैं
कौन कहता है कोशिश बेकार जाती है, सफलता भले ही ना मिले, दूसरा सफलता का रास्ता खोल देती है।
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ਇਹ ਅਨਹਦ ਨਾਦ
ਇਹ ਅਨਹਦ ਨਾਦ ਕੁਦਰਤੀ ਸਾਜ ਹਮੇਸ਼ਾ ਵੱਜਦੇ ਰਹਿਣਗੇ ਕੋਇਲਾਂ ਗਾਉਂਦੀਆਂ ਰਹਿਣਗੀਆਂ ਤਿਤਲੀਆਂ ਮੰਡਰਾਉਦੀਆਂ ਰਹਿਣਗੀਆਂ ਮੋਰ ਨੱਚਦੇ ਰਹਿਣਗੇ ਭੌਰੇ ਮਚਲਦੇ ਰਹ�
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रिश्तों की कशमकश
ऐ रिश्तों की कशमकश भी बड़ी अजीब होती है अपने मन की सुनो तो अपने रुठ जाते है, और अपनो की सुनो तो ,सपने रूठ जाते हैं
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किस सोच में हम बैठे हैं
किस खाब में हम बैठे हैं, किस सोच में हम बैठे हैं, बिना किये कुछ नहीं मिलता, हम किस आलस में बैठे हैं।
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होली रे होली
होली रे होली रे कितनी प्यारी होली। मिलन होने आई गालो से हरा गुलाबी नीला पीला, उदासी वाली चेहरों में उल्लास लाती है। कोई हल्की, कोई भ�
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वीर्य
हमारे शरीर में वीर्य शक्तियों का होना बहुत आवश्यक है क्यों कि इसके होने से हमारी कल्पना शक्तियों को बढाने में धक्का देने का काम करती ह
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हिंदी कविता
हो खड़ा हर चौराहे पे जिसको कहा पूछती हो सफर तुम भी कैसा रहा । देखतीं गर पलटतीं जो इक बार भी । तुम चलीं आईं मैं वहीं बैठा रहा ।
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“ध्यान” से साधें भावनाओं की बागडोर
“ध्यान” से साधें भावनाओं की बागडोर ऐसा प्रायः देखा जाता है कि जब कभी भी हम हतोत्साहित होते हैं तब �
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एक नई शुरुआत 🥀
निराशा की होगी यह आख़िरी रात, कल से होगी एक नई शुरुआत। सबके होठों पर होंगे मधुर गीत, पेड़ो से भी झड़ जाएंगे पत्ते पीत। कुछ भी असंभ
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ऐ री सुन तो
तू मेरी हैं पर मेरी जैसी क्यों नहीं तुझे फ़िक्र भी हैं शायद फिर प्रीत क्यों नहीं तू मुझ में ही हैं ऐसा कहते है लोग मैं आज कल दीवाना �
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खुद से प्यार
यहां था कोहरा घना, मैं था अंधेरों से सना। तेरी जो धूप परी मुझ पे, मैं भी उजालों से बना। तेरी किरणों के फुहारों में, मन रोशनी से भींग गया। �
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