" एक और मुलाकात "
वो मिले मेरे को उस वक्त जिस वक्त उनके गले मे मंगलसूत्र, माथे पे बिंदी और माँग मे सिंदूर था, देखकर वो दूर खड़े होकर मुस्का read more >>
माँ
माँ तो आखिर माँ होती है ,
माँ जेसी कोई कहाँ होती है
माँ तो आखिर माँ होती है |
जब भी अँधेरा छा जाता है ,
वह दीपक बन जाती है ,
इक अकेली र read more >>
माँ
शाम के साढे़ छह..... पौने सात बजे का समय रहा होगा। एक अनीश नाम का लड़का, दुकान पर आता है, गांव का रहने वाला था, वह चतुर व चालाक था।
उसका ब� read more >>