उठ रही है-उठ रही है-
उठ रही है-उठ रही है
ये तन से महक..उठ रही है..
आ रही है-आ रही है-
धीरे-धीरे आ रही है
याद आ रही है पिया की
उड़ रही है ये मन म read more >>
प्रेम ऐसा हो जो बिन स्वार्थ के हो ऐसा जो बिन छुए लेने की लालसा के हो।
ऐसा जो बेशक दूर हो या पास हो बस मन में सच्चे प्रेम का भाव हो।
प्रेम � read more >>
ये प्यार कभी ना हो
जो हो जाये कभी तो
जुदाई कभी ना आए
जो आ जाये जुदाई तो ना चैन से जी पाये
ऐसी हालात हो जाती है
ना मन कहीं लगता है ना चैन क� read more >>