शिखा
कुछ ख़ामोश सा था दिल है । न जाने क्यों ? पर बार - बार उसकी याद आ रही थी । चार साल हो चुके मेरे विच्छेद को पर शायद ही कोई पल गया हो उसे या� read more >>
सुनो ना,
"आज मैंने कई सालों बाद अपनी अलमारी खोली तुमसे जुड़ी हुई बहुत-सी यादें आज भी मेरे पास हैं बसरते उन यादों में एक धुँधली -सी परत जम � read more >>