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फिर नाउम्मीदी तेरे चेहरे पे फिर वही जेवर तेरा मायूसी कत्ल कितने भी कर दिए तूने मकतूल की चुभती तो होगी खामोशी read more >>
एक मासूम सी लड़की खोई खोई सी रहती थी, ना जाने क्यों वो पगली देख मुझे मंद मंद हंसती थी महलों में रहने वाली वो खिड़की से तकती थी ना जाने क् read more >>
जीवन के खालीपन में वह कुछ खुशियों के पल दे गया ! जीवन के अंतिम समय में वह कुछ पल जीने की उम्मीद दे गया l हवा के झोंके !की तरह आया वह !मे� read more >>
जब सताने लगे तुम्हें अपने अंतर्मन की पीड़ा ! तब मन की व्यथा को ! कविता के माध्यम से लिख देना! जब अपने ही तुमसे छल करें तुम्हें अकेला read more >>
शिखा कुछ ख़ामोश सा था दिल है । न जाने क्यों ? पर बार - बार उसकी याद आ रही थी । चार साल हो चुके मेरे विच्छेद को पर शायद ही कोई पल गया हो उसे या� read more >>
बता ना सके, जता ना सके हृदय की पीर मिटा ना सके भीतर-भीतर सिसक रही नयनो से नीर बहा ना सके युगों-युगों से प्रेम को तरसे प्रेम की तृषा बुझा read more >>
हम आपको कभी खोने नही देंगे जुदा भी होना चाहो तो भी होने नही देंगे चांदनी रातो में जब आयेगी मेरी याद मेरी याद को पल आपको सोने नही देंगे read more >>
किसी की नशीली आँखों में डूब गया,ये छोरा गाँव का😲😲😲😲 समाज, इज्जत, दुनियादारी था वो सब जनता क्या करता बेचारा दिमाग की माने या दिल की मान read more >>
चाँद को पहलू में बिठा लेती हूँ उसकी सोहबत में रात बिता लेती हूँ कोई नहीं है मिरा इस जहाँ में लिहाज़ा उसे ही मेहरम बना लेती हूँ - त्रिशि� read more >>
तू सासो में समाया है, जिन्दगी सा बनके रूह दीवानी हो चूकि है, तुझसे हर बार मिलके read more >>
सुनो ना, "आज मैंने कई सालों बाद अपनी अलमारी खोली तुमसे जुड़ी हुई बहुत-सी यादें आज भी मेरे पास हैं बसरते उन यादों में एक धुँधली -सी परत जम � read more >>
"पैरों" "जब-जब तुम अपने पैरों को देखोगी, तब-तब उन पैरों मे तुम मुझको देखोगी, वो पाजेब की खनक,वो मेहंदी कि महक़, जब-जब तुम उसको महसूस कर read more >>
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