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मैं अकेली हूं लेकिन फिर भी मैं हूं मैं सब कुछ नहीं कर सकती लेकिन मैं कुछ तो कर सकती हूं और सिर्फ इसलिए कि मैं सब कुछ नहीं कर सकती मैं वह read more >>
यह घटना लगभग 30 वर्ष पहले की है, मेरी दादी मां सुनाया करती थी _ बिहार के पंचानवे नदियों में से, एक नदी सकरी भी है, जिन की महिमा यह है कि_ गर्म read more >>
मैं आज अंतिम सांसे गिन रहा हूं! मेरे बगल में, मेरे साथी लहूलुहान, पड़े हैं_ बर्फीली चट्टानों से हम लोग आसपास में_ हमारी शरीर पड़ा read more >>
मैं कितना नाजुक था, चलते चलते कभी मुंह के बल गिरता था, तब मेरे पिताजी, अपने हाथ देते थे, मैं उनकी अंगुलियां पकड़ कर, चला करता था, मैं जब भी � read more >>
जब मैं छोटा था, मेरे पांव कितने मासूम थे, पर मैं चलना सीखता था, कभी गिरता था कभी संभलता था, और जब थक जाता था, तब मां के आंचल में, छिप जाता था, read more >>
बैचेन दिल को समझाये कैसें । अपना हाल जमाने को बताये कैसे ॥ उसकी चाहत में सब कुछ गंवा बैठे । बर्बाद दिल का तमाशा दिखाये कैसे ॥ दर्द ऐस read more >>
मुझे गर्व है कि_ मैं गांव का निवासी हूं, और मेरे पिताजी किसान हैं, अपने खेतों से, कुछ इस कदर किसान जुड़ा रहता है, जिसका हम तुम, कल्पना भी � read more >>
यह घटना लगभग, 2007 की है, तब मैं छोटा था,, ए घटना मेरे घर के बगल की है, मैं इसे अब तक भी भुला नहीं पाया हूं, वह पार्वती चाची_ उनकी तीन बेटियां थी, � read more >>
मेरे बेस्ट फ्रेंड, बबलू तुम कैसे हो मैं तुम्हारा प्रिय मित्र. __ शुभम कुमार,,, आज मैं लिखने बैठा हूं, सुबह ही मुझे, इस बात का एहसास हुआ read more >>
मेरी रचना, तुम मुझे माफ कर देना, मैं तुम्हारा बहुत बड़ा अपराधी हूं,, हाय मैं कितना निर्दई हूं, कि मैंने अपनी पत्नी को, अपने घर से निकाल दि read more >>
जो मेरा लक्ष्य है, किसी कार्य का एक सेंटर प्वाइंट आता है, जिसे मुझे अपने मन में, बसाना, ही होगा,, हां मैं अपने कल्पनाओं में, अपने कार्य क� read more >>
एक मासूम बच्चे जो सिर्फ 8 महीने की थी वह रो रही थी चीख रहे थे चिल्ला रही थी बस बोल नहीं पा रही थी वह दर्द सह रही थी वह कुछ उन दरिंदों से कहन� read more >>
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