[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
दुःखद
Home
Sub-Categories
दुःखद
gareeb tha fakeer tha kalandar tha bo
गरीब था फकीर था कलन्दर था वो जो भी था दिल का सिकंदर था वो न नदी था न पोखर था न दरिया था दूर तलक़ फैला हुआ समंदर था वो कहीं भी मुकाम मुकर�
read more >>
मेरे दिल का कोरा पन्ना अधूरा रह गया
मेरे दिल का पन्ना कोरा रह गया, कभी भरा नहीं रंग बेरंग रह गया, किया था सच्चा प्यार फिर भी अधूरा रह गया।
read more >>
दूरियाँ
दिल में प्यार दरमियाँ दूरियाँ रख दी ! पाक रिस्तो के बीच मजबूरियाँ रख दी !! बात समझने के लिए कुछ, भी नहीं ! जिंदगी के तजुर्बो की खाईयाँ रख
read more >>
उम्मीद
क्यों देखते हैं तुम्हारी राह जब तुम्हे पाने तक की उम्मीद नहीं
read more >>
कविता, कब मिलेगा पीडित नारी को इंसाफ।
ना मानवता का रहा मान। जहाँ इंसानियत हो शर्मशार। आये दीन होते हैं बलात्कार। कब रूकेगा ये जधंय अपराध। कब तक होगा मनिषा निर्भया कांड।
read more >>
Jab se tu is dil se dur ho gya
Jab se tu is dil se dur ho gya ,dil mera chaknachoor ho gya,bikhr gye sare sapne, jinda rahna muskil ho gya.
read more >>
Tere gum mai hum pagal ho gye
Tere gum mai hum pagal ho gye,koi khabr na rahti h apni ,khud se itne begane ho gye.
read more >>
दौर
गुज़रते हरेक ज़माने से गुजरा हूँ मैं कभी हौसलों में ज़ोर था यादें आती हैं मीठी मीठी सी वो वक़्त नहीं बिखरता दौर था नफ़रतों में पलते अज़ीज़
read more >>
दर्द भरी शायरी, उसकी याद मे
कौन कहता है कि हम एक ही मरते है। अपने को खोकर . देखो हम कितना तड़पते है ॥ विरह की अग्नि मे जलते हैं और आहे भरते है । खामोश हर दर्द को सह क�
read more >>
उधड़े धागे
वो उधड़े धागे उन रिश्तों के है जहाँ गांठो की गुंजाइश कम है ज़िन्दगी के दरिये का गोताखोर हु यहाँ बचे रहने की फरमाइश कम है हर तरफ सिर्�
read more >>
aaino par dag ki sifarish na kar
आईनों पर दाग की सिफारिश ना कर तू बेवजह आग की सिफारिश ना कर मैं तुझे जन्नत बसाकर दे सकता हूँ पर उजड़े हुए बाग की सिफारिश ना कर पहले ही �
read more >>
नारी
🌺नारी🌺 हर गम को यूं तेरा सहती रहना भी ठीक नहीं हर घर की मर्यादा है तू फिर तेरा यूं मरते रहना भी ठीक नहीं हर परिवार की शान है तू तेरा य�
read more >>
« Previous
Next »
Showing
1513
to
1524
of
1582
results
‹
1
2
...
123
124
125
126
127
128
129
130
131
132
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder