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cancer cancer is a condition in which cells in the body grow abnormally. Everyone has the potential to develop cancer from birth, but it is not contagious like an infection or cold. Certain factors can cause changes in DNA of cells, leading to uncontrolled growth. These factors include chronic irritation, exposure to tobacco, smoke, dust and radi read more >>
यों ,खुल्लेआम जब कभी , मिलन मुनासिब, नहीं था ।। तो क्यों , मिलना मुनासिब समझा ।। फिर,दर्द दिया इतना क्यों .... ? हमें अपने काबिल समझा।। read more >>
किसको अपना समझे? अपने को या पराए को? किसको पराया समझे? पराए को या अपने को? read more >>
किसी से बहुत ही ज्यादा उम्मीद की थी; मगर उसने सिखा दिया कि, उम्मीद किसी से कभी करनी ही नहीं चाहिए। समझी? read more >>
Mere jivan me for se eak tufan aya Chhin kar khusiyo ko dukhe ka bhandar laya Kya kusur tha mera jo dero musibte eak sath laya Sok the mere unhe pura karne ka junun tha Khusi ya thi sari jivan me sukun tha read more >>
पिंजरे में मुझे रखते हो बंद क्या मेरी कोई चाह नहीं? मेरे भी कई सपने है मेरे भी कई अरमान है। मुझे भी उड़ना नीले नभ में मुझे भी पीना नदिय read more >>
आरक्षण: अभिशाप या वरदान? भारतीय समाज में आरक्षण एक अत्यंत विवादास्पद और संवेदनशील मुद्दा है। आरक्षण का उद्देश्य समाज के पिछड़े और दल� read more >>
पेरो तले रौंदना जो लोग किसी की शराफत को पेरो तले रौंदते है, एक दिन खुद भी इसी तरह रौंदे जाते है। read more >>
औरत क्या है ? ... भोगने  की चीज या पूजने की चीज।  (औरत को लोग हमेशा उसी नजरों से kyu  देखते हैं... क्या औरत चीज है ....आज औरत चांद पर पहुंच गई हर उस read more >>
हाँ यह सच है की बेटियां महमान होती है, लेकिन यह भी तो सच है, के बेटिया मां-बाप की जान होती है, गम में वो साथ निभाती है, और खुशी में मिलकल ख� read more >>
वो मेरी कभी न हो पाएगी जनता हूँ की वो मेरी कभी न हो पाएगी, न जाने फिर भी क्यूं उस का इंतेजार, हर पल करता है यह दिल। read more >>
महफिल का मजंर में समझ नहीं पाता, लोग मुझे बुरा कहते है, लेकिन फिर भी मेरी ही बाते करते है, यह कैसी अजीब बात है, लोग मेरी बुराई सरे आम करत� read more >>
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