मुखडा
बेवफा तेरी याद आती है रात दिन, 2
सो ना पाया हूं तुझको भुला के एक दिन, 2
बेवफा तेरी याद आती है रात दिन, 2
अतंरा,1
इतना बता दे read more >>
पेड़ काट कर हम छाँव ढूंढ रहे हैं...
शहर में आके हम गाँव ढूंढ रहे हैं...
किसको पता था, जिंदगी ऐसी कटेगी...
डूब कर मझधार में अब नाव ढूंढ रहे हैं. read more >>
क्या मिल जाता है......???
ख़ुद को खोकर किसी और को पाने से .........??????
ख़ुद को दुःखी कर किसी और का ख़्वाब सजाने से.......
मिल जाता है सबक शायद इसी बहाने � read more >>